क्या आपको muslim festivals names और उस त्यौहार को किस तरह से और कब मनाया जाता है आपको पता है? अगर आपका जवाब नहीं है तो दोस्तों यह लेख सिर्फ आपके लिए ही है.

आज दुनिया दिन प्रतिदिन बहुत ज्यादा विकास पर है, अब ऐसे में हमे हर तरह की जानकारी होना बहुत ही आवश्यक है फिर चाहे वो muslim festivals या फिर कुछ ही और क्यों नहीं.

आइये दोस्तों festivals of islam religion को व्याख्या में जानते हैं, तो चलिए muslim festivals name in hindi के इस लेख को पढना शुरू करे-

Muslim Festivals Names – इस्लाम के प्रमुख त्योहार

Muslim Festivals Names in Hindi

जिस तरह से हम हिन्दुओ की त्योहारों की लम्बी लिस्ट है जो साल के शुरू में makar sankranti से शुरू होती है और आखिर में दिवाली पर जा के ख़तम होती है, ठीक उस तरह तो नहीं लेकिन हाँ यह भी करीब 8-10 त्यौहार होते है.

चलिए सबसे पहले हम एक muslim festival list के माध्यम से इस्लाम धर्म के त्यौहार के नाम जान लेते हैं उसके बाद उनको व्याख्या में जानेंगे.

Muslim Festival List in Hindi – muslim holiday 2018

  1. 1.इस्लामी नया वर्ष – मुहर्रम
  2. 2.आशूरा
  3. 3.मीलाद उन-नबी
  4. 4.शब-ए-मेराज
  5. 5.रम्ज़ान
  6. 6.ईद-उल-फितर
  7. 7.ईद-उल-अजहा (बक्रिद)

मै इस लेख में आपको मुख्य 5 muslim festival की विशेष तरीके से बताउंगी और साथ-साथ में आपको ये भी बताउंगी कि इस वर्ष उन त्योहारों की कब की छुट्टी है. तो चलिए शुरू करे-

  • इस्लामी नया वर्ष – मुहर्रम

जिस तरह से इंग्लिश कैलेंडर के हिसाब से हमारा नया साल जनवरी माह से शुरू होता है ठीक उसी तरीके से इस्लाम का भी नया वर्ष जनवरी में ही शुरू होता है.

इस्लामी वर्ष यानी हिजरी सन्‌ का पहला महीना मुहर्रम ही है. और दोस्तों ख़ास बात तो यह है कि यह एक मुस्लिम त्यौहार भी है, और इस वर्ष 14 जनवरी 2018, को रविवार को मुहर्रम है.

Muslim Festivals Names in Hindi

इस माह को इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शुमार किया जाता है। अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद ने इस मास को अल्लाह का महीना कहा है. साथ ही इस मास में रोजा रखने की खास बात की है।

एक किताब के अनुसार अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद ने कहा कि रमजान के अलावा सबसे उत्तम रोजे वे हैं, जो मुहर्रम में रखे जाते हैं.

इत्तिफाक की बात यह है कि आज मुहर्रम का यह पहलू आम लोगो की नजरों से अंजान है और इस माह में अल्लाह की इबादत करनी चाहिये। मुहर्रम इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्यौहार है। इस महिने की बहुत विशेषता और महत्व है.

इब्ने अब्बास के मुताबिक हजरत मुहम्मद  ने कहा कि जिसने मुहर्रम की 9 तारीख का रोजा रखा, उसके दो साल के गुनाह माफ हो जाते हैं तथा मुहर्रम के एक रोजे का सवाब 30 रोजों के बराबर मिलता है.

  • शब-ए-मेराज-

शब-ए-मेराज अथवा शबे मेराज एक इस्लामी त्योहार है जो इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रजब के माह (सातवाँ महीना) में 27वीं तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 13 अप्रैल, शुक्रवार 2018 है।

इसे आरोहण की रात्रि के रूप में मनाया जाता है और मान्यताओं के अनुसार इसी रात, मुहम्मद साहब एक दैवीय जानवर बुर्राक पर बैठ कर सातों स्वर्गों का भ्रमण किया था। अल्लाह से मुहम्मद साहब के मुलाक़ात की इस रात को विशेष प्रार्थनाओं और उपवास द्वारा मनाया जाता है और मस्जिदों में सजावट की जाती है तथा दीप जलाये जाते हैं.

मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही को मेराज के नाम से याद कर लिया जाता है।

  • रमजान –

इस साल रमजान का महीना 15 मई, मंगलवार 2018 से 15 जुन, शुक्रवार 2018 तक है रमजान का महीना कभी 28 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। इस महीने में उपवास रखते हैं।

Muslim Festivals Names in Hindi

उपवास के दिन सूर्योदय से पहले कुछ खालेते हैं जिसे सहरी कहते हैं। दिन भर न कुछ खाते हैं न पीते हैं। शाम को सूर्यास्तमय के बाद रोज़ा खोल कर खाते हैं जिसे इफ़्तारी कहते हैं।

ज़रूर पढ़े – रमजान के रोज़े रखने के क्या फायदे हैं?

  • ईद-उल-फितर-(मीठी ईद)

मुस्लमान रमज़ान उल-मुबारक के महीने के बाद एक मज़हबी ख़ुशी का त्योहर मनाते हैं जिसे ईद उल-फ़ितर कहा जाता है. ईद उल-फ़ितर इस्लामी कैलेण्डर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाया जाता है।

मुसलमानों का त्योहार ईद मूल रूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्योहार है। इस त्योहार को सभी आपस में मिल के मनाते है और खुदा से सुख-शांति और बरक्कत के लिए दुआएं मांगते हैं। पूरे विश्व में ईद की खुशी पूरे हर्ष और उल्लास से मनाई जाती है.

मुसलमानों का त्योहार ईद रमज़ान का चांद डूबने और ईद का चांद नज़र आने पर उसके अगले दिन चांद की पहली तारीख़ को मनाई जाती है।

इसलामी साल में दो ईदों में से यह एक है (दूसरा ईद उल जुहा या बक्रिद कहलाता है)। पहला ईद उल-फ़ितर पैगम्बर मुहम्मद ने सन 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाया था जाती है।

Muslim Festivals Names in Hindi

उपवास की समाप्ति की खुशी के अलावा इस ईद में मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा इसलिए भी करते हैं कि उन्होंने महीने भर के उपवास रखने की शक्ति दी।

ईद के दौरान बढ़िया खाने के अतिरिक्त नए कपड़े भी पहने जाते हैं और परिवार और दोस्तों के बीच तोहफ़ों का आदान-प्रदान होता है। सिवैया इस त्योहार की सबसे जरूरी खाद्य पदार्थ है जिसे सभी बड़े चाव से खाते हैं।

इस ईद में मुसलमान 30 दिनों के बाद पहली बार दिन में खाना खाते हैं। ईद के दिन मस्जिदों में सुबह की प्रार्थना से पहले हर मुसलमान का फ़र्ज़ है कि वो दान या भिक्षा दे। इस दान को ज़कात उल-फ़ितर कहते हैं

  • ईद-उल-अजहा (बक्रिद)-

इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहर है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग 70 दिनों बाद इसे मनाया जाता है।

इस्लामिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है.

इस दिन जानवर की कुर्बानी देना एक प्रकार की प्रतीकात्मक कुर्बानी है। हज और उसके साथ जुड़ी हुई पध्दति हजरत इब्राहीम और उनके परिबार द्वारा किए गये कार्यो को प्रतीकात्मक तौर पर दोहराने का नाम है।

हजरत इब्राहीम के परिवार में उनकी पत्नी हाजरा और पुत्र इस्माइल थे।मान्यता है कि हजरत इब्राहीम ने एक स्वप्न देखा था जिसमे बह अपने पुत्र इस्माइल की कुर्बानी दे रहे थे हजरत इब्राहीम अपने दस वर्षीय पुत्र इस्माइल को ईश्बर की राह पर कुर्बान करने निकल पड़े।

पुस्तको में आता है कि ईश्बर ने अपने फरिश्तो को भेजकर इस्माइल की जगह एक जानवर की कुर्बानी करने को कहा।

इश्माइलिट्स वंश की शुरुआत-

दरअसल इब्राहीम से जो असल कुर्बानी मागीँ गई थी वह थी उनकी खुद की जब की, जब उन्होने अपने पुत्र इस्माइल और उनकी मां हाजरा को मक्का में बसाने का निर्णय लिया।

Muslim Festivals Names in Hindi

लेकिन मक्का उस समय रेगिस्तान के सिबा कुछ न था। उन्हे मक्का में बसाकर बे खुद मानव सेबा के लिए निकल गये। इस तरह एक रेगिस्तान में वसना उनकी और उनके पूरे परिवार की कुर्बानी थी.

जब इस्माइल बड़े हुए तो उधर से एक काफिला गुजरा और इस्माइल का विबाह उस काफिले में से एक युवती से करा दिया गया फिर प्ररांम्भ हुआ एक वंश जिसे इतिहास में इश्माइलिट्स, या वनु इस्माइल के नाम से जाना गया।

हजरत मुहम्मद सहाब का इसी वंश में जन्म हुआ था। ईद उल अजहा के दो शंन्देश है पहला परिवार के प्रथम सदस्य को स्वार्थ के परे देखना चाहिये।

ईद उल अजहा यह याद दिलाता है कि कैसे एक छोटे से परिवार में एक नया अध्याय लिखा गया।

दोस्तों मेरा ये muslim festivals names in hindi language का ये लेख यही पर समाप्त हो रहा है, आशा करती हू की आपको इस्से मदद मिलेगी और आपको यह ब्लोग पसंद आयेगा.

इस लेख में मिली जानकारी को आप अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया से भी शेयर कर सकते हैं. इस लेख को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

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