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Essay on Holi in Hindi – होली के त्योहार से जुड़ी पूरी जानकारी

Essay on Holi in Hindi - होली के त्योहार से जुड़ी पूरी जानकारी
Essay on Holi in Hindi - होली के त्योहार से जुड़ी पूरी जानकारी

हेल्लो दोस्तों, भारत एक ऐसा देश है जिसमे अनेक त्यौहार मनाये जाते हैं, उन्ही में से एक होली का त्योहार भी है. आज के इस लेख में आपको होली के त्योहार से जुड़ी कुछ रोमांचक जानकारी मिलेगी, तो चलिए पढना शुरू करे Holi in Hindi के इस लेख को-

होली हम भारतीयों के लिये सांस्कृतिक और पारंपरिक उत्सव में से एक है जिसे हम सभी बेहद खुशी के साथ मनाते है. त्यौहार को मनाने के साथ ज़रूरी है की हमे उससे जुड़ी पूरी जानकारी हो.

Essay on Holi in Hindi – होली के त्योहार से जुड़ी रोमांचक जानकारी

आप इस लेख से कुछ वाक्य चुन कर अपने स्कूल जाने वाले बच्चों को एक आसान और साधारण निबंध या भाषण के रूप में उनको बता सकते हैं या उनको याद भी करा सकते हैं.

भारत में कई त्योहार बहुत ज्यादा चर्चित है उसी में से एक है होली, इसको काफी जगह रंगों का त्योहार भी कहा जाता है. यह मुख्यतः हिन्दू धर्म का त्योहार है.

चलिए अब मै आपको बताती हूँ की इस लेख में आपको क्या-क्या जानकारी मिलेगी-

  1. होली क्यों मनाते हैं? (Holi Kyu Manate Hain)
  2. होली की कहानी (holi ki kahani)
  3. होली का इतिहास (information in hindi)
  4. होली कब है (holi kitni tarikh ko hai)
  5. होलिका दहन क्या होता है?
होली के त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारी

होली के त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारी

होली क्यों मनाते हैं? (Holi Kyu Manate Hain)-

‘रंगों के त्यौहार’ के तौर पर मशहूर होली हिन्दी कैलेंडर के हिसाब से फाल्गुन महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. तेज संगीत और ढोल के बीच एक दूसरे पर रंग और पानी फेक कर होली मनाई जाती है.

भारत के अन्य त्यौहारों की तरह होली भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. प्राचीन पौराणिक कथा के अनुसार हमने किताबो में पढ़ा है कि होली से हिरण्यकश्यप की कहानी जुड़ी है. आइये जानते हैं कहानी –

होली की कहानी (holi ki kahani) – होली का इतिहास

प्राचीन भारत का एक राजा था, जिसका नाम हिरण्यकश्यप था, जो कि बिलकुल राक्षस की तरह था. वह अपने छोटे भाई की मौत का बदला भगवान विष्णु से लेना चाहता था क्यूंकि उन्होंने उसके भाई को मारा था.

इसलिए राक्षश हिरण्यकश्यप ने ताकत पाने के लिए उसने सालों तक प्रार्थना की, आखिरकार उसे वरदान मिला और वो बहुत शक्तिशाली बन गया.

शक्तिशाली बनने के बाद हिरण्यकश्यप खुद को भगवान समझने लगा और अपनी प्रजा के लोगों से खुद की भगवान की तरह पूजा करने को कहने लगा.

इस दुष्ट राजा का एक बेटा था जिसका नाम प्रहलाद था और वह भगवान विष्णु का परम भक्त था. अपने पिता के कहे जाने पर भी प्रहलाद ने अपने पिता का कहना नहीं माना और वह भगवान विष्णु की पूजा करता रहा.

अपने बेटे प्रहलाद द्वारा अपनी पूजा ना करने से नाराज उस राजा ने अपने बेटे को मारने का षड्यंत्र रचा. उसकी एक बहन थी, उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ जाए.

राक्षश हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को भगवान से एक वरदान मिला था कि वो आग में जल नहीं सकती थी. यही सोच कर उस दुष्ट राक्षश हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे को मृत्यु देने का निर्णय लिया.

उसकी योजना प्रहलाद को जलाने की थी, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हो सकी क्योंकि प्रहलाद सारा समय भगवान विष्णु का नाम लेता रहा और बच गया पर होलिका जलकर राख हो गई.

राक्षश हिरण्यकश्यप के साथ-साथ होलिका की ये हार बुराई के नष्ट होने का प्रतीक है, और दोस्तों उसी दिन वहा के नगरी वासियों ने होली के त्योहार को मनाना शुरू कर दिया.

इसके बाद भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध कर दिया, लेकिन होली से होलिका की मौत की कहानी जुड़ी है.

इसके चलते भारत के कुछ राज्यों में होली से एक दिन पहले बुराई के अंत के प्रतीक के तौर पर होली जलाई जाती है, जिसको होलिका दहन कहा जाता है.

होली के होली के त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारीत्योहार से जुड़ी रोचक जानकारी

होली के त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारी

नोट – दोस्तों अगर आपको नहीं पता की इस वर्ष holi kab h तो मै आपको बता दूं की 2 मार्च को इस वर्ष होली मनाई जाएगी.

होली का रंगों से मेल (information in hindi)

दोस्तों शायद अब आपके मन में एक सवाल आ रहा होगा की होली की कहानी में तो रंगों को कही कोई वर्णन नहीं तो रंग होली का भाग कैसे बने? तो चलिए जानते हैं इसके पीछे की वजह-

यह होली की कहानी भगवान विष्णु के अवतार भगवान कृष्ण के समय तक जाती है, माना जाता है कि भगवान कृष्ण रंगों से होली मनाते थे, इसलिए होली का यह तरीका लोकप्रिय हुआ.

वे वृंदावन और गोकुल में अपने साथियों के साथ होली मनाते थे, वे पूरे गांव में मज़ाक भरी शैतानियां करते थे. आज भी वृंदावन जैसी मस्ती भरी होली कहीं नहीं मनाई जाती.

होली वसंत का त्यौहार है और इसके आने पर सर्दियां खत्म होती हैं, भारत के कुछ हिस्सों में इस त्यौहार का संबंध वसंत की फसल पकने से भी है. होली को ‘वसंत महोत्सव’ या ‘काम महोत्सव’ भी कहते हैं.

Essay on holi in hindi

होली एक प्राचीन त्यौहार है ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा, आइये जानते हैं कैसे –

होली के त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारी

होली के त्योहार से जुड़ी रोचक जानकारी

होली प्राचीन हिंदू त्यौहारों में से एक है और यह ईसा मसीह के जन्म के कई सदियों पहले से मनाया जा रहा है, होली का वर्णन जैमिनि के पूर्वमिमांसा सूत्र और कथक ग्रहय सूत्र में भी है.

इसे पढ़े – यशु मसीह कौन थे, पूरी जानकारी हिन्दी में

प्राचीन भारत के मंदिरों की दीवारों पर भी होली की मूर्तियां बनी हैं, ऐसा ही 16वीं सदी का एक मंदिर विजयनगर की राजधानी हंपी में है.

इस मंदिर में होली के कई दृश्य हैं जिसमें राजकुमार, राजकुमारी अपने दासों सहित एक दूसरे पर रंग लगा रहे हैं.

उत्साह से भरा ये त्योहार हमारे लिये एक दूसरे के प्रति स्नेह और निकटता लाती है, इसमें लोग आपस में गले लगते है और एक दूसरे को रंग और अबीर लगाते है.

इस दौरान सभी लोग मिलकर ढ़ोलक, हारमोनियम तथा करताल की धुन पर धार्मिक और फागुन गीत गाते है, इस दिन पर हमलोग खासतौर से बने गुजिया, पापड़, हलवा, पानी-पूरी तथा दही-बढ़े आदि खाते है.

दोस्तों Holi in Hindi का ये लेख अब यही पर समाप्त हो रहा है, इसे आप अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया से शेयर भी कर सकते हैं ताकि उनको भी Information of Holi in Hindi पता चले.

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Shikha Bhatt

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